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अरावली की गोद में जीणमाता का लक्खी मेला

राजस्थान में अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में जीणमाता का लक्खी मेला नवरात्ना के घट स्थापना के साथ ही शुरू हो गया। इस बार बासन्ती नवरात्न का यह मेला घाट स्थापना के साथ 16 मार्च को प्रारम्भ हुआ जो 24 मार्च तक चलेगा। शेखावाटी के दो प्रमुख शक्ति पीठ स्थल है जहां हर वर्ष बासन्ती और शारदीय नवरात्नों में श्रद्घालुओं की भीड़ उमडती है। जीणमाता में इस अवसर पर लक्खी मेला भरता है।

राजस्थान का शेखावाटी जनपद संतों, शूरमाओं और भामाशाहों की धरती के रूप में अपनी राष्ट्रीय पहचान रखता है। यह क्षेत्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक वैभव से भी अनुप्रणित है। शेखावाटी में अरावली का एक उच्चतम शिखर है, मालकेतु जहां से कहते है कि प्राचीनकाल में लोहार्गल, किरोडी, शाकम्भरी, शोभावती एवं संध्या नामक पांच धाराएं प्रकट हुई और कालान्तर में ये पांचों पवित्न स्थल के रूप में प्रतिस्थापित हो गए।

सीकर से वाया उदयपुरवाटी होकर लगभग 55 किलोमीटर तथा वाया गोरिया होकर करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर शाकम्भरी शक्ति पीठ स्थित है। यह स्थान पहाड़ों, नाना प्रकार के फल-फूलों से लदे वृक्ष कुंजों, जल प्रपात एवं जल कुण्डों आदि के नयन प्रिय नैसर्गिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है और उत्तराखण्ड के रमणीक स्थल जैसी अनुभूति कराता है।

Comments

Udan Tashtari said…
आभार जानकारी का...
arpita said…
i think language must demand a bit more attention.any way u r writing well in a younger age. keep it up

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