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ई है मुंबई नगरिया तू देख बबुआ


बड़ा
अजीब शहर है यह। यहां आप सरदार को भीख मांगते देखते सकते हैं। यहां आप किसी मारवाडी को जूते पालिस करते देख सकते हैं। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाला आपसे अधिक कमाता हुआ दिख जाएगा इस शहर में। जी हां मैं मुंबई की बात कर रहा हूं। वाकई बड़ा अजीब शहर है मुंबई। लाखों की तादाद में हर रोज यहां के कुर्ला, दादर और मुंबई सेंट्रल जैसे रेलवे स्‍टेशन पर लोग अपने सपनों के साथ उतरते है। कुछ लोगों के सपने सच में बदलते हैं यहां और कुछ के इस शहर के भीड़भाड़ में गुम हो जाते हैं। इसी के साथ हर दिन न जाने यहां की भीड़ में गुम भी हो जाते हैं। इसके बावजूद इस शहर का एक अलग नशा है।

दंगों, बाढ़ और बम विस्‍फोटों के बाद यह शहर फिर से और मजबूत होकर उभरता है। दहशतगर्द भी परेशान होते हैं इस शहर को निशाना बनाकर। लेकिन यह शहर कभी सोता ही नहीं है। हमेशा जिंदा रहा है मुंबई। और लोगों को जिंदादिली से रहना सिखाता है मुबई। आधी से अधिक आबादी झुग्‍गी झोपड़ी में रहती है लेकिन यहां की चमक के आगे ये लोग बौने साबित होते हैं। देखने वालों को यहां की रंगीन रातें और इस शहर की चमक दमक ही दिखती है। लेकिन रेलवे लाइन के किनारे हजारों की तादाद में निपटान और दो जून की रोटी के लिए जीवन से संधर्ष करते लोग नहीं दिखते हैं। बड़ी अजीब शहर है। यह शहर एक पल में आपकों कामयाबी के सबसे ऊपरी पायदान पर ले जाता है तो दूसरे ही पल आप गर्त में होते हैं। यहां के पॉश इलाकों में आप बॉलीवुड के अपने चहेतों को देख सकते हैं। यहां आप लाखों रुपए एक रात में गवां सकते हैं तो एक एक रात गुजारने के लिए लाखों की तादाद में लोगों को भटकते हुए भी देख सकते हैं। किराए के एक छोटे से रुम के लिए आपकों हजारों रुपए अग्रिम देना होता है और हर रोज निपटान के लिए सुलभ कॉम्‍पलेक्‍स के सामने एक लंबी लाइन में भी लगना हो सकता है। किस्‍मत साथ है तो आप मुंबई के किसी पॉस इलाके में रह सकते हो वरना यहां की चॉल और झुग्‍गी झो‍पडियां आपके स्‍वागत के लिए हमेशा तैयार है। बड़ा अजीब शहर है यह।

Comments

Joshim said…
बहुत मन से लिखा है, एक साँस में पढ़ जाने वाला पीस - आशीष - बहुत ही बढ़िया - साभार मनीष [ इरफान का शुक्रिया यहाँ तक पहुँचाने का]
अच्छा है।

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