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शिवसेना की आमची मुंबई

जिस बात का डर हुआ, वही हुआ। आमची मुंबई के नाम पर शहर को बांटने वाली शिव सेना ने कहा है कि दूसरे राज्‍यों के निवासी के कारण मुंबई का नाम बदनाम हो रहा है।

शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि दूसरे प्रांत से आ कर लोग मुंबई में ऐसी घटना को अंजाम देते हैं, हम महिलाओं के उत्‍पीड़न को बर्दाश्‍त नहीं करेंगे। ठाकरे का बयान उस वक्‍त आया है जब कि जुहू छेड़छाड़ मामले में जिन 14 आरोपियों को गुरुवार रात पुलिस ने गिरफ्तार किया था , उनमें से ज्यादातर मराठी मूल के निवासी हैं।

शिवसेना के इस ब्‍यान पर राज्‍य कांग्रेस के प्रवक्‍ता संजय निरुपम ने कहा है कि अपराधियों को किसी राज्‍य से जोड़कर देखना गलत है। अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए लेकिन इस राजनैतिक इश्‍यू बनाने से बचना चा‍हिए। निरुपम ने कहा कि आज से दो साल पहले हुए एक बलात्‍कार कांड के आरोपी दूसरे राज्‍य के नहीं थे।मुंबई पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार था, जिन्‍हें बाद में जमानत मिल गई, उनके नाम हैं: नीलेश भागयंकर, सुधीर निकावडे, रवींद्र शुक्ला, संदीप शुक्ला, डेरिक जाधव, कुणाल जाधव, सिद्घार्थ सिंह, अमित कपूर, सेबिस्तन डिसल्वा, अजय मराठे, वैभव मराठे, संदीप पांचाल, मनोज पांचाल, स्वप्निल मंधरे ।

Comments

भई अपराधी को अपराधी की तरह देखो। ये राज्‍य गांव देश जाति में बांटने का क्‍या फायदा।
बस अपन तो इतना समझते हैं क‍ि अपराधी को सजा मिले तुरंत। इसमें राज्‍य का मामला कहां से टपक गया।
काय झाला रे भाऊ ;)
धन्य हैं!!
हमारे नेतागण तो पैदा होते ही धन्य हो जाते है। और राजनीति में आकर ऐसे बयान देकर ऐसी सोच रखकर जनता को भी धन्य कर देते हैं।
आप के लेख से एक फ़िल्म का डायलग याद आ गया। संसद में विपक्ष का सांसद कहता है कि "ये सरकार बांध बना कर हमारे पानी से बिजली बना रही है और हमारे किसान भाई अपने खेतों को पानी भी नहीं दे पा रहे हैं, इसलिये सरकार कल से ही पानी से बिजली बनाना बंद करे।"
ऐसे नेता हैं हमारे यहां जिनको हम वोट दे कर भेजते हैं।

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