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भोपाल जा रहा हूं

एक दिन की व्‍यक्तिगत यात्रा पर कल भोपाल के लिए निकल रहा हूं। वापसी रविवार की है। भोपाल मेरे मनपसंद शहरों में से एक है। यहा मैने अपने जीवन के दो साल बिताते हैं। शहर के सात नंबर पर हमारा कालेज हुआ करता था। दिनभर और रातों में भी हम दोस्‍तों की मंडली वहां आसपास घूमा करते थे। कोशिश रहेगी कि इस एक दिन के ठहराव में कम से कम कुछ पल उसी कैंपस के आसपास गुजारा जाए जहां से मैं पढ़कर आज पत्रक‍ारिता कर पा रहा हूं।

Comments

Yunus Khan said…
भोपाल मेरे बचपन का शहर है । कुछ तस्‍वीरें लेकर आईयेगा । मैं भी मार्च में भोपाल जाऊंगा शायद ।

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