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आर के लक्ष्‍मण
















आर के लक्ष्‍मण से मेरी पहली मुलाकात जयपुर के जवाहर कला केंद्र में एक प्रर्दशनी में कई साल पहले हुई थी। उस समय वो व्‍हील चेयर पर थे। काफी तादाद में लोग उनका आटोग्राफ लेने में लगे हुए थे। किसी तरह उनसे कुछ बात हो पाई। लेकिन उनसे बात करने के बाद पता चला कि भले ही उनका शरीर उनका साथ छोड़ रहा है लेकिन आज भी उम्र के इस पड़ाव पर वो थके नहीं हैं। पेश है उन्‍ही की कुछ रचना।

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