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वह पुराने दिनों में लौट चुका था...

अमित के सेल फोन पर रिंग बजती है। अचानक बजे इस फोन ने उसकी नींद को बुरी तरह तोड़ दिया था। बाएं हाथ से उसने फोन उठाया तो दाएं हाथ से लाइट का स्विच खोजना शुरु किया। फोन जयपुर से ही था। इस फोन कॉल ने अमित की आधी रात को तपती दोपहरी में बदल दिया था।

अभी-अभी अमित को पता चला - पाखी की शादी है। बारात राजस्थान के कोटा शहर से आएगी। इस खबर पर वह कैसे रिएक्ट करे ? वह सोच नहीं पा रहा था लेकिन वह बैचेन हो चुका था। उसने आसपास की पूरी दुनिया को तहस नहस कर दिया था। इस दुनिया में वह अकेला बचा था। लेकिन यह सब ख्वाबों में था।

लेकिन सच्चई यही थी कि वह पूरी दुनिया को तबाह करना चाहता था। वह पाखी और अपने पुराने रकीब से पूछना चाहता था कि वह दोनों क्यों अलग हो गए। पाखी अमित को नहीं मिल पाई पर वह इस बात से खुश था कि उसके जीवन में शुभ है। लेकिन आज पाखी और शुभ भी अलग हो चुके थे।

अमित से शुभ को फोन लगाया। घंटी लगातार बज रही थी लेकिन कोई अमित का फोन उठाया नहीं गया।

अमित और अधिक बैचेन हो चुका था। उसने पाखी से बात करनी चाही पर न जाने क्यूं उसने उसे कॉल नहीं किया। घड़ी रात के दो बजा रही थी। इसी के साथ वह पाखी के साथ बिताए पुराने दिनों में लौट चुका था।

Comments

याद तो हमेशा आएगी ही
bhai

kab tak chalegi ye kahani

jara jayda jayda likho
Anonymous said…
amit ko pkahi nahi mili aur pakhi ko shubh nahi......shayd yahi likha tha uski kismat me...

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