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Showing posts with the label भास्कर ब्लॉग

जिंदगी का फलसफा समझाते ये शहर

हर शहर का अपना मिजाज होता है। हर शहर कुछ सिखाता है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इन शहरों से क्या सीख पाते हैं? वाराणसी, मुंबई, जयपुर और भोपाल। मेरी जिंदगी का फलसफा इन्हीं से निकला है। खैर सबसे पहले बात बनारस की, जहां मेरा जन्म हुआ। बनारस एक पुराना लेकिन करवट लेता शहर। संस्कृति, परंपराओं के साथ दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक होने का खिताब है इस शहर को। कई शामें बनारस के मशहूर मणिकर्णिका घाट पर गुजारी हैं। यह जगह आपको मोहमाया से मुक्त होने के लिए प्रेरित करेगी तो चाय की छोटी-छोटी दुकानों पर होने वाली बौद्धिक बहसें देश-दुनिया की राजनीति में खींच लाएंगी। खासतौर से दशाश्वमेध और अस्सी घाट की मशहूर दुकानें। यहां सुबह हो या देर रात, मजमा देखने लायक होता है। बनारस को समझना है तो आपको इन दुकानों के अलावा पैदल बनारस की गलियों में भटकना होगा। सबक : जिंदगी गंगा की तरह सबकुछ अपने में समाहित कर निरंतर बहने का नाम है। जयपुर पहुंचा तो युवावस्था की दहलीज पर था। इस शहर को आप दो शहरों का मेल कह सकते हैं। एक पुराना तो दूसरा नया जयपुर। शहर की सड़कों पर मर्सिडीज भी दौड़ती हैं तो ऊंट भी चलते हैं। यह...

कभी रुलाती कभी गुदगुदाती यादें

वह एक अजीब सुबह थी। नींद ने कब साथ छोड़ दिया, पता नहीं। आंखों से नींद गायब हो चुकी थी। वहां अब पुरानी यादें तैर रही थीं। ये यादें स्मृतियों से होते हुए दिल तक पहुंच गईं। 28 बरस मेरे सामने थे। बचपन से लेकर अब तक का सबकुछ आंखों के सामने घूम रहा था। बनारस की संकरी गलियों से होता हुआ अब राजस्थान के रेगिस्तान में खड़ा था। चारों तरफ अजीब-सी बेचैन कर देने वाली खामोशी थी। बैकग्राउंड में केसरिया बालम पधारो नी म्हारे देस की धुन सुनाई दे रही थी। यादों की संकरी गलियां आ-जा रही थीं। कई बार यादें खुशी देती हैं तो कई बार रुला भी देती हैं। यादें तो यादें हैं, उनका क्या? यदि आप भावुक हैं तो यादें ज्यादा परेशान करती हैं। यादें किसी भी घटना, व्यक्ति या संबंध से जुड़ी होती हैं। उस चीज से जितना अधिक मोह, यादें भी उतनी गहरीं। कभी मैं अपने बचपन के शहर बनारस की यादों में खो जाता हूं तो कभी उस प्यार की यादों में, जिसे मैंने मंजिल से पहले ही छोड़ दिया। कभी उस बाघिन की यादों में खो जाता हूं, जो मुझे बांधवगढ़ के जंगलों में मिली थी। बस यादें ऐसी होती हैं। कभी-कभी मैं उनकी यादों में खो जाता हूं, जो कभी मेरे सबसे कर...