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Showing posts with the label खबर

पंजाब केसरी..................पधारो म्हारे देश

अभी अभी भडास से ख़बर मिली की पंजाब केसरी राजस्‍थान से अपना संस्करण लांच करने वाला है। हालांकि राजस्थान से होने के नाते मैं भडास की इस न्यूज़ को अपने ब्लॉग पर डालने की गुस्ताखी कर रहा हूँ..उम्मीद है की यशवंत जी मुझे मेरी इस गुस्ताखी के लिए माफ़ कर देंगे. हाँ अब ख़बर पर ... पंजाब केसरी के राजस्थान संस्करण के लिए ईशमधु तलवार को एडीटर बनाया गया है और ब्‍यूरो चीफ होंगे सत्‍यपारीक। अगले म‍हीने से लांच होने वाले अखबार के लिए टीम जुटाने का अभियान जारी है। यदि कोई पंजाब केसरी से जुड़ना चाहता है तो बताये..

दो और चैनलों पर लगी सरकारी मुहर

लीजिये अभी सुबह सुबह ऑफिस में आया नहीं की ख़बर मिल गई कि बैग को अपने दो चैनलों के लिए इजाजत मिल गई गई। इन चैनलों में एक चैनल का नाम न्यूज़ २४ और दूसरे का नाम ब्लिस २४ है. इन दोनों चैनलों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अप लिंक और डाउन लिंक की इजाजत मिली है। बैग नवम्बर में एक न्यूज़ चैनल और एक मनोरंजन चैनल लाने वाला है. न्यूज़ चैनल का नाम न्यूज़ २४ और मनोरंजन चैनल का नाम ई २४ होगा. जबकि दो चैनल कुछ दिनों बाद लाने की योजना है.

तमीज और तहजीब की जरूरत है दिल्ली की मेट्रो को

फ़र्श खाली देखा नहीं कि पसर गए। लगता है मेट्रो के साथ साथ जिस तमीज और तहजीब की जरूरत है, राजधानी और उसके आसपास के लोग अभी उससे कोसों दूर हैं। मेट्रो में आजकल आए दिन इसका प्रमाण मिल जाता है। शुक्रवार को तो एक ट्रेन के कोच में लोग फर्श पर सोते भी पाए गए। वह भी सुबह सुबह, पीक ऑवर्स में। देहाती, शहरी, अनपढ़-गंवार और पढ़े लिखे, इस सिलसिले में सब एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। ये लोग मनचाहे तरीके से जगह घेर कर बैठ जाते हैं और लोगों को परेशान करते हैं। इस वजह से तू-तू मैं-मैं भी हो जाती है। फर्श पर बैठने के लिए भी मारामारी होती है। कल सुबह जब फर्श पर सो रहे एक शख्स को कुछ लोगों ने उठने के लिए कहा तो उसने तबीयत खराब होने का बहाना बना दिया। उसके साथ चार-पांच लोगों के होने के कारण आवाज उठाने वाले भी चुप हो गए। मेट्रो में दिन प्रति दिन गंभीर होती जा रही इस समस्या को सबसे पहले अगस्त के महीने में सांध्य टाइम्स ने ही मेट्रो को खटारा बना दिया, बैठते हैं ऐंठते हैं, खबर के जरिए उजागर किया था, इसके बावजूद मेट्रो इस समस्या से निबटने में नाकाम रही है। पहले इस संबंध में कम से कम बार बार एनाउंसमेंट की जाती ...

सलमान और गणपति

कल बांद्रा में दो खास कारणों से भीड़ थी. एक बांद्रा के प्रसिद्ध चर्च माउन्ट मेरी में कई दिनों से चल रहे फिस्ट का अन्तिम दिन था और दूसरी वजह सलमान खान के घर पर गणपति का विसर्जन होना था. सुबह से सलमान के घर के बाहर लगभग सभी मीडिया चैनल की ओबी वेंन खड़ी हुई थी. कैमरे को बस सलमान और उनके गणपति का इन्तजार था. सलमान जैसे ही अपनी माँ हेलन और गणपति के साथ गेलेक्सी अपार्टमेंट से बाहर निकले तो एक और उनके चाहने वाले सलमान सलमान चिल्ला रहे थे तो दूसरी और प्रेस वाले सलमान को कैमरे में कैद करने में लगे हुये थे॥ आप भी देखिये सलमान को गणपति विसर्जन के दॉरान

अच्छे पत्रकार चाहिऐ आईएएनएस को

हमारे और हमारे उन साथिओं के लिए खुशखबरी. यह खुशखबरी भडास ने दी हैं. भडास के अनुसार देश की समाचार एजेंसियों में से एक आईएएनएस को अच्छे पत्रकार चाहिए। दिल्ली और मुंबई में रिपोर्टिंग व डेस्क दोनों ही मोर्चे पर आईएएनएस को पत्रकारों की जरूरत है। डेस्क पर काम करने वालों की अंग्रेजी अच्छी होनी चाहिए। आप अपना बायोडाटा इस आईडी पर मेल कर सकते हैं- careers@ians.in

क्या आपको अच्छे पत्रकारों की जरूरत हैं

यह पोस्ट मैं एक खास उद्देश्य से लिख रहा हूँ। जहाँ तक मेरी जानकारी है इस तरह की पोस्ट पहले कभी नहीं लिखी गई होगी। कह सकते हैं कि यह एक सकारात्मक पोस्ट हैं। और शायद मेरे इस प्रयास से मेरे उन कई साथियों को नौकरी मिल सकती है जो दिल्ली में नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं। चलिए मैं अपनी बात शुरू करता हूं मेरे कई दोस्त जो इस समय दिल्ली और भोपाल में हैं, उन्हें मीडिया में नौकरी की तलाश है। मेरे इन दोस्तों ने माखन लाल पत्रकारिता विश्वविधालय से पत्रकारिता में दो साल की मास्टर डिग्री ली हैं। ये सभी नौजवान हैं और मीडिया के माध्यम से कुछ करना चाहते हैं, इसमें से कई हालांकि किसी न किसी प्रैस या चैनल से जुड़े हुए हैं। यदि आपके संस्थान में इन्हें एक मौका मिले तो ये पत्रकारिता जगत को काफी कुछ नयापन दे सकते हैं और शायद आज इस तरह के ही पत्रकारों की जरूरत हैं जो आ‍इडिया से भरे हुए हों। यदि अपके संस्थान को अच्छे लोगों की जरूरत हैं तो आप मुझे ९८६७५-७५१७६ या ashish.maharishi@gmail.com पर मेल भी कर सकता हैं.

नवंबर में दो चैनल लाएगा बैग

खबर हैं कि बैग मध्य नवंबर से दो चैनल लाने जा रहा हैं। एक चैनल समाचार चैनल होगा जिसका नाम न्यूज़ २४ होगा। जबकि दूसरा चैनल मनोरंजन चैनल होगा जिसका नाम ई २४ होगा।

जारी हैं पत्रकारों का आना जाना

खबर हैं कि दिव्य भास्कर, मुम्बई के बिजनेस रिपोर्टर चन्द्र कान्त जानी ने मुम्बई में ही किसी ब्रोक्रेज फ़र्म में जाने वाले हैं। सहारा समय, मुंबई के रिपोर्टर राजीव रंजन ने अब जी बिज़नेस, मुंबई में ज्वाइन कर लिया है। जबकि अजय शुक्ला ने हिंदुस्तान कानपुर में बतौर डिप्टी न्यूज एडीटर ज्वाइन कर लिया है। इससे पहले वे दैनिक जागरण में कार्यरत थे। इसी तरह दिनेश श्रीनेत्र ने आईनेक्स्ट लखनऊ से बेंगलूर में एक मीडिया हाउस को ठीकठाक पैकेज पर ज्वाइन किया है। जबकी स्टार न्यूज चैनल के भोपाल संवाददाता ब्रजेश राजपूत ने बीएजी ज्वाइन कर लिया है। दोस्तो का कहना हैं शेफाली ने सहारा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ छोड़कर एमएच वन ज्वाइन किया है। वहीँ सहारा के ही भरत शास्त़्री ने लाइव इंडिया ज्वाइन कर लिया है। ( यह खबर भडास से ली गई हैं।)

आज तक में अब नहीं दिखेंगे पुण्य प्रसून वाजपेयी

यदि आप आज तक में पुण्य प्रसून वाजपेयी को देखने के आदि हैं तो जल्दी ही अपनी इस आदत को बदल लीजिये। ख़बर हैं कि पुण्य प्रसून वाजपेयी ने आज तक को छोड़कर सहारा टीवी से जुड़ गए हैं। पिछले कई दिनों से हल्ला था कि वाजपेयी जी आज तक छोड़कर और कहीँ जा सकते हैं। वाजपेयी जी साथ आज तक से कई लोगों ने सहारा का सहारा लिया हैं।

अजित भट्टाचार्य को छह महीने की जेल की सज़ा

पॉयनियर के तत्कालीन संपादक अजित भट्टाचार्य, 'स्वतंत्र भारत' के तत्कालीन संपादक घनश्याम पंकज और प्रिंटर-प्रकाशक संजीव कंवर और दीपक मुखर्जी को भी छह-छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई है। जबकी पॉनियर अख़बार के तत्कालीन रिपोर्टर रमन कृपाल को एक वर्ष सश्रम कारावास और 5500 रुपए जुर्माना भरने की सज़ा सुनाई गई। यह खबर आज ही बीबीसी में आई हैं। खबर में कहा गया हैं कि लखनऊ की एक अदालत ने एक प्रशासनिक अधिकारी का 'फ़र्ज़ी और छवि को नुक़सान पहुँचाने वाला इंटरव्यू' छापने के लिए तीन वरिष्ठ पत्रकारों को सज़ा सुनाई हैं। ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें। http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/09/070904_jpurnalists_sentence.shtml

वे लोकतंत्र का अर्थ नहीं जानते हैं

वे लोकतंत्र का अर्थ नहीं जानते हैं, आजादी का नाम तक नहीं सुना हैं. चुनाव का अर्थ इन्हे केवल इतना मालूम हैं की चुनाव एक दिन पहले गाँव का सरपंच आएगा और देसी दारू की थैली पकड़ा कर अपने दल को वोट देने को कहेगा। और वे मान भी जायेंगे। इन गाँव वालों से इस बात से कोई मतलब नही हैं कि उन्हें किस दल को वोट देना हैं और किसे नहीं? उन्हें बस दारू से मतलब हैं। यह तस्वीर देश के सबसे बडे राज्य राजस्थान की हैं।राजस्थान और गुजरात से सटे बांसवाड़ा जिले की यह सच्चाई से मैं उस समय रूबरू हुआ जब मैं अपने एक दोस्त के साथ राजस्थान के चुनाव को कवर कर रहा था। जिला मुख्यालय से मात्र ४० किलोमीटर दूर इस गाँव का नाम हैं चुन्नी खान गाँव। विकास से कोसों दूर इस गाँव में जाने के लिए जंगलों, पहाडियों और नाले को पार कर के ही जाया जा सकता हैं। जबकि मुख्य मार्ग से यह मात्र दो किलोमीटर ही अन्दर हैं। साइकिल तक नहीं जा सकती हैं इस गाँव में। ख़ैर हम किसी तरह इस गाँव में पहुंच ही जाते हैं।पच्चीस परिवारों वाले इस गाँव में पानी के लिए महिलाओं को दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता हैं। अस्पताल करीब दस किलोमीटर दूर कलिंजरा कस्बे में है। स्कूल च...

विदर्भ में नहीं थम रहा हैं किसानों की आत्महत्या का दौर

देश के सरकारी खजाने में सबसे अधिक धन देने वाले ही राज्‍य के किसान अधिक आत्‍महत्‍या करने लगें तो यह बड़ी आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में उन इलाकों में भी लोग लाल सलाम करते हुए नजर आएंगे जहां सबसे अधिक आत्‍महत्‍या हो रही है। जी हां मैं बात कर रहा हूं महाराष्‍ट्र के विदर्भ इलाके की। जहां केवल इसी साल करीब 784 किसानों ने आत्‍महत्‍या कर ली है। जबकि, पिछले साल प्रधानमंत्री की ओर से जारी भारी भरकम पैकेज के बाद यह आंकड़ा 1648 तक पहुंच गया है। इन इलाकों में किसानों की आत्‍महत्‍या बढ़ने के साथ नक्‍सली हिंसा का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि, दिल्‍ली से मुंबई तक किसी को भी इस बात की भनक नहीं है। लेकिन स्थिति ऐसी ही बन रही। क्‍या हम इस बात से इंकार कर सकते हैं कि जिस प्रकार छत्‍तीसगढ़ जैसे कई राज्‍यों में सरकारी दमन से शोषित किसानों, आदिवासियों और आम आदमी ने हथियार उठाया है, ऐसी स्थिति महाराष्‍ट्र में नहीं बन सकती है। लेकिन इन बातों से बेखबर देश के कृषि मंत्री शरद पवार से लेकर महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री विलासराव देशमुख का कहना है कि विदर्भ में किसानों की आत्‍महत्‍या कम हुई है।...

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन जलनी चाहिए

बडे दिनों से इच्छा थी कि एक नया ब्लाग शुरू किया जाएँ जिसमे केवल और केवल काम कि बातें हो। इसी के तहत आज बोल हल्ला की शुरुआत हो गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मीडिया, आम आदमी से जुडे मुद्दे और कुछ नया करना हैं जो कि कहीँ होता दिख नहीं रहा हैं। मुझे यकीं हैं आप लोगों कि सहायता से कुछ कहा और किया जा सकता हैं। मेरे ब्लोग का लिंक http://bolhalla.blogspot.com/ हैं । मुझे आपके सुझाव का इन्तजार रहेगा। मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन जलनी चाहिए

ब्लॉग्स और ब्लॉगर्स के लिए एक अहम सूचना

देश में दिनोंदिन ब्लॉग की बढ़ती तादाद को देखते हुए वेबदुनिया ने एक नया प्रयोग शुरू किया हैं। इसके तहत हर शुक्रवार को ब्लॉग-चर्चा के तहत देशभर के ब्लॉग्स और ब्लॉगर्स की जानकारी दी जाएगी। वेब दुनिया ने इसके लिए शुक्रवार का दिन चुना हैं। इस बार वेबदुनिया ने चर्चा का विषय चुना है- यूनुस खान का ब्लॉग ‘रेडियोवाणी’। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें http://hindi.webdunia.com/samayik/article/article/0708/30/1070830081_1.htm

मीडिया मे नौकरी की तलाश और इन्दौर का एक समाचार पत्र

इन्दौर वासियों को जल्दी ही एक और सुबह का समाचार पत्र मिलने वाला हैं। यह समाचार पत्र राज्य के मुख्य पत्र देनिक भास्कर लॉन्च करने वाला हैं। इस समाचार पत्र का नाम होगा दिव्य किरण। ख़बर मेरे एक खास दोस्त ने दी हैं, इसलिये इसपर भरोसा किया जा सकता हैं। यह खबर उनके लिए भी काम की हैं जो के पत्रकारिता के शिक्षा लेकर बाहर आ चुके हैं या फिर जिन्हे उनकी कंपनी ने बाहर निकाल दिया हैं। दोनो ही तरह के लोगों कि कमी नही हैं। इस मामले में मैं थोडा लकी हूँ कि मुझे अभी तक बहार नही निकला गया हैं। इस लिए मुझे इन्दौर नही जान होगा लेकिन जिन्हें निकाल दिया हैं वो जरूर भास्कर के दर पर जा सकते हैं।

सल्लू मियां और जोधपुर के वाशिंदे

जोधपुर के बाशिंदो के लिए एक बुरी खबर हैं। खबर यह हैं कि जो जोधपुर वासी सल्लू मियां का दर्शन करना चाहते हैं उन्हें दर्शन हो नही पायेगा.जोधपुर की अदालत ने पुलिस को निदेश दिया हैं कि २४ अगस्त को जब सलमान खान अदालत मे आयें तो वहां मीडिया वालों की ओबी वेंन और कैमरा नही होना चाहिऐ। अदालत का कहना हैं के इससे अनावश्यक भीड़ लग जाती हैं। अब अदालत के इस आदेश के बाद जोधपुर के लोग थोड़े ग़ुस्से मे हैं। तो किसी भी जोधपुर वाले से सल्लू मियां कि बात करने से पहले कम से कम दो बार सोच लेना भाई जी।

हवाई जहाज़ को लुत्फ उठासी म्हारे देश का डोकरा

जयपुर दिल्ली राजमार्ग एक पास एक छोटे से गाँव की बात हैं यह। पूरी सच्ची और भरोसे लायक। गाँव मे एक स्कूल हैं जो की अपने आप मे अनोखी हैं। इस पाठशाला मे ना रजिस्टर हैं और ना आने जाने कि कोई पाबंदी। इस गाँव का नाम हैं जयसिन्ह्पुरा। इस पाठशाला में ६५ से ८० साल के बीच के दादा दादी पढ़ने आते हैं। यह तो हुई एक बात। लेकिन अभी कुछ दिन पहले ही खबर आई हैं कि इस गाँव के १५ लोग हवाई जहाज़ का लुत्फ उठाएंगे। आप सोच रहे होंगे कि इस मे खास क्या हैं। तो भाई खास यह हैं कि इसमे से कई लोग कभी भी ट्रेन में पांव नही रखा हैं। लेकिन अब वो लोग हवाई जहाज़ का मज़ा लेंगे। हैं ना खबर मे दम।

संजू दादा को मिली जमानत

फिल्म अभिनेता संजय दत्त की जमानत आज मिल गई गई हैं। इससे पहले 10 अगस्त को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई की तारीख 20 अगस्त तक के लिए टाल दी गई थी। इस बार संजय के पक्ष में यह बात भी है कि सीबीआई ने उनपर टाडा लगाने की याचिका दायर न करने का फैसला किया है जिसके चलते संजय दत्त को जमानत मिल गई है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 28 अगस्त तक टाल दी थी लेकिन संजय के वकील फली एस नरीमन ने तर्क दिया था कि उनके पक्षकार के मूलभूत अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्हें फैसले की प्रति दिए बिना ही जेल भेज दिया गया है और जमानत याचिका पर सुनवाई में भी देर हो रही है। इस पर सुनवाई की ‍तिथि को 20 अगस्त तय कर दिया गया। इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरीमन ने प्रधान न्यायाधीश के। जी. बालकृष्णन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष यह मामला प्रस्तुत किया था जिसने संजय की जमानत याचिका पर 10 अगस्त को सुनवाई करने पर सहमति जताई थी। नरीमन ने कहा था कि अभिनेता को फैसले की प्रति दिए बिना ही जेल भेज दिया गया। संजय को 1993 के श्रंखलाबद्ध बम विस्फोट कांड के संबंध में हथियार अधिनियम के तहत दोषी पाया गया है और छह साल की कैद की...

दिबांग और आजतक

खबर हैं कि दिबांग (यदि आप दिबांग को नहीं जानते हैं तो यह खबर आपके लिए नही हैं) इन दिनों लंबी छुट्टी पर हैं और जल्दी ही सबसे तेज चैनल आजतक मे कदम रखने वाले हैं। खबर कितनी सच हैं अभी यह कहना सही नहीं होगा लेकिन देल्ही और बोम्बे के मीडिया जगत मे यह चर्चा आम है। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि दिबांग को एनडीटीवी से हटा दिया गया हैं। जिसके बाद वोह लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। लेकिन इस संभावना से इंकार नही किया जा सकता हैं कि उन्होने आजतक का साथ पकड़ लिया हो।

खलनायक हैं ठाकरे; मोदी और संजय गाँधी

शिवसेना ने एक बार फिर से साबित कर दी कि यदि किसी ने भी सच बोलने का प्रयास किया तो उसे हिंसक तरीके से कुचल दिया जाएगा। परसों भी बोम्बे मे यही देखने को मिला जब शिवसेना ने हिंदी पत्रिका आउटलुक के ऑफिस मे धुस कर जमकर हंगामा मचाया। शिवसेना का कहना कि आउटलुक ने बाला साहेब को ६० सालो का खलनायक कहा है। ठाकरे के अलावा इस लिस्ट में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और संजय गाँधी जेसे नेताओं का भी नाम हैं। क्या आउटलुक ने गलत कहा। आउटलुक ने वही कहा जो कि हैं। ठाकरे ने आमची मुम्बई के नाम पर कितनी राजनीती की हैं यह सब जानते हैं। मुम्बई मे आज भी शिवसेना का तांडव जारी हैं। जिसका खामियाज़ा उत्तर परदेश और बिहार के लोगों को उठाना पड़ता हैं।