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NTDV लाएगा हिन्दी में न्यूज़ पोर्टल

युवा पत्रकारों के लिए एक और शानदार ख़बर. ख़बर है कि एनडीटीवी जल्दी ही अपना एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल लाँच करने वाला है. दुनिया भर में इंटरनेट के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह फ़ैसला लिया है. एनडीटीवी इस पोर्टल से पहले एक मोबाइल पोर्टल लाँच करेगी जिसका नाम एनडीटीवी एक्टिव होगा. कहा जा रहा है कि मध्य नवम्बर से यह चालू हो सकता है. जबकि हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसका नाम एनडीटीवी ख़बर होगा, यह दो महीने बाद यानी अगले साल तक लाँच हो जाएगा. एनडीटीवी इसके अलावा लाइफ स्टाइल, बालीवुड और शिक्षा को लेकर भी कुछ वेब पोर्टल लाने पर कार्य कर रहा है.

चैनलों के हुजूम में एक और चैनल

देश में चैनलों की भीड़ में पाँच नवम्बर से एक और चैनल का नाम जुड़ने वाला है॥ यह चैनल होगा 9X. आज ही जानकारी मिली है कि INX मीडिया ग्रुप नवम्बर महीने से अपना मनोरंजन चैनल लाने वाला हैं. चैनल के सभी प्रोग्राम बन चुके हैं। यदि सब कुछ निधारित योजना पर चलता रहा तो पाँच नवम्बर से दर्शकों को एक और चैनल देखने को मिलेगा॥यह चॅनल पूरी तरह एक चैनल होगा। 9X के अलावा कम्पनी 9XM नाम का एक और मुयुजिक चैनल लाने वाली है. तीसरा चैनल अंग्रेजी का न्यूज़ चॅनल होगा। देश मे आज २०० से अधिक चैनल हैं. चैनलों के इस हुजूम में इस नए चैनल का भी स्वागत हैं. १९९१ में देश में केवल ६ ही चैनल थे.

हमने सलमान को बनाया खलनायक

मैं सबसे पहले यह बता दूं की मैं सलमान खान का प्रशंसक नहीं हूँ। लेकिन इसके बाद मैं बस यही कहना चाहूँगा कि मैं जिस फिल्ड में हूँ, उसी ने सलमान को एक विलेन कि तरह पेश किया हैं। हालांकि मैं भी मीडिया में हूँ तो एक बात जरूर कहूँगा कि सलमान को जो सज़ा मिल रही हैं उसके लिए उनका एक सफल अभिनेता होना ज़िम्मेदार हैं। कुछ लोग कहते हैं कि सलमान के मन में किसी के प्रति ना तो इज़्ज़त है और ना ही वे परवाह करते हैं कि कौन क्या सोच रहा है। हाँ सलमान इस दुनिया की और इसी दुनिया की बातो की परवाह नही करते हैं? क्या यह गलत करते हैं? मुझे नही लगता हैं। आख़िर वो इस दुनिया कि परवाह क्यों करें। उन्हें जिनकी परवाह करनी चाहिऐ उनकी परवाह वो करते हैं। सलमान अपने भाई- बहनों से उन्हें असीम प्यार करते हैं। इसके अलावा अपने दोस्तो की भी वे परवाह करते हैं। हम प्रेस वाले बड़ी जल्दी ही अपनी औकात भूल जाते हैं और माइक या कलम हाथ में आते ही मान अपने आपको तोप मानने लगते हैं. इसे में यदि सामने वाला हमारे सवालों का जवाब नही देता हैं तो हम प्रेस वाले उसे खलनायक, बदतमीज़ और ना जाने कैसे कैसे शब्दो से नवाज़ाने लगते हैं. हम भूल जाते हैं अप...