किसी ने कहा है कि सबको वह नहीं मिलता है, जो वह चाहता है लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं है..क्योंकि मुझे इस जिंदगी से कुछ चाहिए ही नहीं। लिखता हूं, पढ़ता हूं, आवारागर्दी करता हूं।
17 December 2009
तेरे जाने के बाद ...
तेरे जाने के बाद कई रोज़ तक बहते रहे थे मेरे आंसू और कविता फिर एक दिन मैं रोया लेकिन आंसू नहीं आये और आज कविता भी कागज़ पर नहीं उतरी
3 comments:
गज़ब!
बढ़िया रचना प्रेषित की है बधाई।
THERE IS DIRECT TRAIN TO KOTA FROM BHOPAL
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