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अधूरी दास्‍तां-अमित और वो

अमित ने सोचा था कि उसके जाने के बाद उसकी यादें भूली बिसरी यादों की तरह किसी कोने में दम तोड़ देगी। उसकी यादें भी उस नई नवेली दुल्‍हन की पहली सुबह की उसके माथे की बिदिंया की तरह होगी, जो कि बेतरकीब ढंग से माथे पर फिसलती रहती है। और वह काफी हद तक सही था। वो उसे लगातार भूलता जा रहा था, लेकिन दिन न जाने बेमौसम बारिश की तरह उसकी यादें उसे सताती लगती है और वो भीगता रहता है। शायद भीगना चाहता भी है । आज उसे लग रहा था कि उसे उसकी याद नहीं आ रही है। क्‍योंकि यादें तो उनकी आती हैं जिन्‍हें हम भुला देते हैं और उसे तो उसने कभी नहीं भुलाया था। आज वह बस यही सोच र‍हा था कि जब भी वो उससे पहली बार मिलेगा तो उसकी मांग में सुर्ख लाल सिंदूर की हल्‍की लकीर होगी जो कि उसे बार बार इस बात का अहसास कराएगी कि वो अब शादीशुदा है। किसी की बहू तो किसी की पत्‍नी है। ऐसे में उससे मिलना सही होगा। शायद नहीं। यह सोचते सोचते न जाने कब अमित की आंख लग गई। पता ही नहीं चला। सुबह जब नींद टूटी तो घड़ी सुबह के नौ बजने का इशारा कर रही थी। वो आज फिर ऑफिस जाने के लिए लेट हो गया। उसे याद है कि जब से वो उसे छोडकर इस शहर से गई है तब ...

मुंबई की गुलाबी ठंड के बीच फ्रेंच फिल्‍म फेस्‍टीवल

मुंबई की हल्‍की गुलाबी ठंड और फ्रेंच फिल्‍म फेस्‍टीवल, यदि दोनों एक साथ हो तो क्‍या बात है। मुंबई में पिछले दिनों चार दिवसीय इस फेस्‍टीवल के दौरान बड़ी तादाद में फिल्‍म प्रेमियों ने शिकरत कर , न सिर्फ इस फेस्‍टीवल के आयोजकों का हौसला बढ़ाया, बल्कि एक बार यह फिर से साबित कर दिया कि मुंबई वासी अच्‍छी फिल्‍मों के कितने कद्रदान हैं। हिंदुस्‍तान में यह अपने आप में पहला फिल्‍म फेस्‍टीवल था कि जिसमें आई लगभग सभी फिल्‍मे भारतीय वितरकों को बेची जा चुकी हैं। बस इन्‍हें सिनेमा हाल में प्रदर्शित करने की देर है । आयोजकों का मानना है कि भारतीय सिनेप्रेमी फिल्‍मों के बहुत बड़े दिवानें है, यही कारण है कि फ्रेंच फिल्‍मों को देखने को लिए इतने बड़े पैमाने पर लोग उपस्थित रहे । इस फेस्‍टीवल में दिखाई गई अधिकतर फिल्‍मे नॉन हॉलीवुड की रहीं। आस्‍कर से नवाजी जा चुकी फिल्‍म क्रॉसड ट्रेक को भी भारतीय वितरकों ने हाथों हाथ लिया। फेस्टिवल में दिखाई गई फिल्‍मों में क्रॉस्‍ड ट्रेक्‍स, अजूर एंड असमा और कारामेल प्रमुख फिल्‍में रहीं । फ्रेंच फिल्‍मों का यह सफर 27 जनवरी से 30 जनवरी तक मुंबई में चलने के बाद एक से चार फरवर...

राजदीप सर बधाई

आईबीएन7 और नेटवर्क 18 से जुड़े राजदीप सरदेसाई को आज पदम श्री अवार्ड से नवाजा गया। राजदीप सरदेसाई के अलावा एनडीटीवी की बरखा दत्‍त और विनोद दुआ को भी इस अवार्ड से नवाजा गया है।

कविता या कूड़ा

कविताओं का अपना ही संसार होता है। कुछ के लिए कुछ लाइने कविता बन जाती है तो किसी के लिए यह उनके अनुभव होते हैं। मुझे नहीं पता है कि कविता किसे कहेंगे। कविता लिखने के लिए क्‍या किसी अनुभव से होकर गुजरना जरुरी है। कुछ कहेंगे हां और कुछ कहेंगे नहीं। लेकिन कविता तो आपके आसपास रोजाना घटती है। बस उसे शब्‍दों में ढालने की जरुरत है। अब आप ही बताएं कि यहां जो कविताएं है उसे कविता कहें या कूड़ा। आप की जो भी राय होगी, वो सर आंखों पर।

ब्‍लॉग की दुनिया में एक और ब्‍लॉगर

मेरे एक और दोस्‍त ने आखिरकार ब्‍लॉग की दुनिया में कदम रख ही दिया। कानपुर के बिंदकी नामक कस्‍बे के निवासी नमित से मेरी दोस्‍ती कालेज के जमाने की है। नमित फिलहाल छत्‍तीसगढ़ भास्‍कर में कार्यरत हैं। नमित और मैने एक साथ माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता संस्‍थान से मास्‍टर डिग्री हासिल की है। दोस्‍तों की मंडली में ददा के नाम से प्रसिद्व नमित के ब्‍लॉग का लिंक यहां है। आप सभी से निवदेन है ब्‍लॉग की इस दुनिया में उसका स्‍वागत करें। http://namitshukla.blogspot.com/

मुंबई की गुलाबी ठंड और शेयर मार्केट की ठंडक

मुंबई में दो दिन से पड़ रही गुलाबी ठंड ने शहर का मिजाज थोड़ा और रंगीन बना दिया है। मुंबई की लोकल ट्रेन से लेकर चौपटी तक पर इस ठंड का असर देखा जा सकता है। एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले मुंबई के नौजवान इन दिनों इस ठंड का भरपूर मजा उठा रहे हैं। लेकिन यह बात केवल इस शहर के युवाओं पर ही लागू नहीं होती है। जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़े बुर्जुगों का भी यही हाल है। समुंद किनारे इनकी संख्‍या भी कम नहीं है। पूरे बिंदास और नई ताजगी के संग इन बुर्जुगों को जिंदगी का मजा लेते अच्‍छे अच्‍छे युवा चकरा जाएं। कल की मैराथन, मोहरम और मोदी के भाषण के बाद एक बार फिर शहर भागने को तैयार है लेकिन बुरा हो शेयर बाजार का, जिसकी भारी गिरावट से शहर को थोड़ा हिला दिया। इसका सबसे अधिक असर लोकल ट्रेन में देखने को मिलेगा। खासतौर पर विरार लोकल में। इस रुट पर पड़ने वाले भायंदर और वसई रोड स्‍टेशन पर गुजरातियों के साथ मारवाडियों की तादाद बहुत अधिक है और शेयर बाजार में भी इनकी भागीदारी सबसे अधिक है।

गुजरात का शेर मुंबई में दहाड़ा

मुंबई के प्रसिद्व शिवाजी पार्क को जाने वाली हर सड़क कल भगवे रंग में नजर आ रही थी। मौका था गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्‍मान समारोह के बहाने महाराष्‍ट्र में भाजपा में नई जान फूंकने की कोशिश की गई। देखे देखे कौन आया, गुजरात का शेर आया, जैसे नारों के बीच मोदी के निशाने पर कांग्रेस, केंद्रीय सरकार और कांग्रेस की मुखिया सोनिया गांधी थी। सभा को संबोधित करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने कश्मीर स्थित भारत-पाकिस्तान सीमा से बड़ी संख्या में सैनिकों को हटाने का पाप किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की संप्रग सरकार आतंकवाद से लड़ने में अक्षम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश पर बोझ बन गई है। इससे मुक्ति के बिना देश का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि देश के संसाधनों पर मुसलमानों का पहला हक है। मोदी ने कहा कि इसी सांप्रदायिक नजरिये से एक बार देश के टुकड़े हो चुके हैं। अब सरकार गरीबों के पेट भी इसी आधार पर बांटना चाहती है। इस प्रकार सांप्रदायिक नजरिये से बजट तैयार ...