Skip to main content

तू जब से गया है मुझे छोड़कर

तू जब से गया है मुझे छोड़कर
मैं ऐसा तन्हा हुआ
कि अब तो लगता है जीना भी क्या जीना है
लेकिन फिर भी जीना होगा
वादा जो तुझसे किया है, निभाना होगा
मौत को आगोश में लेकर तुझे भूलना चाहता हूं
पर कम्बख्त मौत भी बेवफा निकली
जिंदगी ने थामा दामन
पर मौत भी दरवाजे पर खड़ी है
अब फैसला तुझे करना है
मौत और जिंदगी के दरम्यिान

Comments

Mithilesh dubey said…
बहुत खुब। लाजवाब रचना के लिए बहुत-बहुत बधाई.........
जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं....!

--
शुभेच्छु

प्रबल प्रताप सिंह
कानपुर - 208005
उत्तर प्रदेश, भारत

मो. नं. - + 91 9451020135

ईमेल-
ppsingh81@gmail.com

ppsingh07@hotmail.com

ब्लॉग - कृपया यहाँ भी पधारें...

http://prabalpratapsingh81.blogspot.com

http://prabalpratapsingh81kavitagazal.blogspot.com

http://prabalpratapsingh81.thoseinmedia.com/

मैं यहाँ पर भी उपलब्ध हूँ.

http://twitter.com/ppsingh81

http://www.linkedin.com/in/prabalpratapsingh

http://www.mediaclubofindia.com/profile/PRABALPRATAPSINGH

http://thoseinmedia.com/members/prabalpratapsingh

http://www.successnation.com/profile/PRABALPRATAPSINGH
जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं....!

--
शुभेच्छु

प्रबल प्रताप सिंह

कानपुर - 208005
उत्तर प्रदेश, भारत

मो. नं. - + 91 9451020135

ईमेल-
ppsingh81@gmail.com

ppsingh07@hotmail.com

ब्लॉग - कृपया यहाँ भी पधारें...

http://prabalpratapsingh81.blogspot.com

http://prabalpratapsingh81kavitagazal.blogspot.com

http://prabalpratapsingh81.thoseinmedia.com/

मैं यहाँ पर भी उपलब्ध हूँ.

http://twitter.com/ppsingh81

http://www.linkedin.com/in/prabalpratapsingh

http://www.mediaclubofindia.com/profile/PRABALPRATAPSINGH

http://thoseinmedia.com/members/prabalpratapsingh

http://www.successnation.com/profile/PRABALPRATAPSINGH

Popular posts from this blog

दोस्ती और विश्वासघात में अन्तर होता है

दोस्ती और विश्वासघात में अन्तर होता है
यह तो सब जानते हैं
मैं भी और आप भी
लेकिन इसे क्या कहेंगे आप
जब आपका सबसे प्यारा दोस्त
आपके साथ वो करे
जो दुश्मन भी नहीं करता है
जी हाँ मैं अपने सबसे प्यारे दोस्त की बात कर रहा हूँ
मैंने उसकी दोस्ती को इबारत समझा
और उसने हर मोड़ पर मुझे ठगा
मैं आज भी उसपर विश्वास करना चाहता हूँ
लेकिन करूँ या नहीं करूँ
अजीब सी उलझन है

सेक्‍स बनाम सेक्‍स शिक्षा

बहस जारी है सेक्स शिक्षा पर। कुछ लोग साथ हैं तो कुछ लोग विरोध में खड़े हैं। सामने खड़े लोगों का कहना है कि इससे हमारी संस्‍कृति को खतरा है। युवा पीढ़ी अपने राह से भटक सकती है। मैं भी एक युवा हूं, उम्र चौब्‍बीस साल की है। लेकिन मुझे नहीं लगता है कि सेक्‍स शिक्षा से हम अपनी राह से भटक सकते हैं। तो वो कौन होते हैं जो हमारे जैसे और हमारे बाद की पीढि़यों के लिए यह निर्धारित करेंगे कि हम क्‍या पढ़े और क्‍या नहीं। रवीश जी ने अपने लेख में सही ही लिखा है कि सेक्स शिक्षा से हम हर दिन दो चार होते रहते हैं । चौराहे पर लगे और टीवी में दिखाये जाने वाले एड्स विरोधी विज्ञापन किसी न किसी रूप में सेक्स शिक्षा ही तो दे रहे हैं । फिर विरोध कैसा । सेक्स संकट में है । देश नहीं है । समाज नहीं है । इसके लिए शिक्षा ज़रुरी है ।

लेकिन यह हमारा दोगलापन ही है कि हम घर की छतों और तकियों के नीचे बाबा मस्‍तराम और प्‍ले बाय जैसी किताबें रख सकते हैं लेकिन जब इस पर बात करने की आएगी तो हमारी जुबां बंद हो जाती है। हम दुनियाभर की बात कर सकते हैं, नेट से लेकर दरियागंज तक के फुटपाथ पर वो साहित्‍य तलाश सकते हैं जिसे हमारा सम…

चारों ओर कब्र, बीच में दुनिया का इकलौता शिव मंदिर

Ashish Maharishi
वाराणसी। दुनिया के सबसे पुराने शहरों में शुमार बनारस के बारे में मान्यता है कि यहां मरने वालों को महादेव तारक मंत्र देते हैं, जिससे मोक्ष लेने वाला कभी भी दोबारा गर्भ में नहीं पहुंचता। इसी बनारस में एक ऐसा मंदिर भी है जो कब्रिस्तान के बीचोंबीच है। ओंकारेश्वर महादेव मंदिर भले ही हजारों साल पुराना हो, लेकिन बनारस के स्थानीय लोगों को भी इसके बारे में बहुत कम जानकारी है।
मंदिर के पुजारी शिवदत्त पांडेया के अनुसार, "काशी खंड में ओंकारेश्वर महादेव का जिक्र है। ये मंदिर करीब पांच हजार साल पुराना है। यहां दर्शन से अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है, तीर्थ माना गया है लेकिन आज कभी कोई भूला-बिसरा यहां दर्शन करने आ जाता है। वरना ये मंदिर हमेशा सुनसान ही रहता है।"

स्कंद पुराण में ओंकारेश्वर महादेव का जिक्र है। इस पुराण के अनुसार, काशी में जब ब्रह्मा जी ने हजारों साल तक भगवान शिव की तपस्या की, तो शिव ने ओंकार रूप में प्रकट होकर वर दिया और इसी महालिंग में लीन हो गए।
ग्रंथों के मुताबिक, एक विशेष दिन सभी तीर्थ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन इस मंदिर से जिला प्रशासन और सरकार दोन…