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मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन जलनी चाहिए

बडे दिनों से इच्छा थी कि एक नया ब्लाग शुरू किया जाएँ जिसमे केवल और केवल काम कि बातें हो। इसी के तहत आज बोल हल्ला की शुरुआत हो गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मीडिया, आम आदमी से जुडे मुद्दे और कुछ नया करना हैं जो कि कहीँ होता दिख नहीं रहा हैं। मुझे यकीं हैं आप लोगों कि सहायता से कुछ कहा और किया जा सकता हैं। मेरे ब्लोग का लिंक http://bolhalla.blogspot.com/ हैं । मुझे आपके सुझाव का इन्तजार रहेगा। मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन जलनी चाहिए

Comments

Mired Mirage said…
ऐसे प्रयास के लिए बधाई व शुभकामनाएँ ।
घुघूती बासूती
आशीष said…
shukriya
आशीष said…
sanjay ji aur mirage ji shukriya mera housla badane ke liye..bus aap jese logon ka sath chahiye
आशीष जी आपने जो विचार व्‍यक्त किये है ऐसी ही विचारधारा की आज महतो आवश्‍यकता है । आशा है आगे भी इसी सोच के साथ आप उपलब्ध होगें ।
धन्‍यवाद ।

शशिकान्‍त अवस्‍थी
पटकापुर कानपुर ।

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आपके साथ वो करे
जो दुश्मन भी नहीं करता है
जी हाँ मैं अपने सबसे प्यारे दोस्त की बात कर रहा हूँ
मैंने उसकी दोस्ती को इबारत समझा
और उसने हर मोड़ पर मुझे ठगा
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लेकिन करूँ या नहीं करूँ
अजीब सी उलझन है

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Ashish Maharishi
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ग्रंथों के मुताबिक, एक विशेष दिन सभी तीर्थ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन इस मंदिर से जिला प्रशासन और सरकार दोन…