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निवेश गुरु की नजर में बाजार का हाल

हर व्‍यक्ति का हर क्षेत्र में एक गुरु होता है। मेरे भी कई क्षेत्रों में कई गुरु हैं। ऐसे ही मेरे एक निवेश गुरु हैं कमल शर्मा, जो भी समय समय पर निवेश की सलाह देते रहते हैं। कल बाजार जब सोलह हजार का आंकड़ा पार कर रहा था तो सभी की तरह मेरे जेहन में एक ही सवाल आ रहा था कि अब आगे क्‍या। मेरी समस्‍या का समाधान मुझे निवेश गुरु से मिला।

निवेश गुरु कहते हैं कि दस अक्‍टूबर के बाद भारतीय कार्पोरेट जगत के दूसरी तिमाही के नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। नतीजों के उस मौसम में आईटी कं‍पनियों से बेहतर नतीजों की उम्‍मीद नहीं की जा सकती। आईटी के साथ कुछ और सेक्टर की कंपनियों के नतीजे भी अच्‍छे नहीं आएंगे, जो शेयर बाजार के मूड को बिगाड़ेंगे। इन सभी कारणों से बीएसई सेंसेक्‍स दस अक्‍टूबर के बाद एक हजार से बारह सौ अंक लुढ़क जाए तो अचरज नहीं होना चाहिए। हालांकि, जो निवेशक लंबा खेल खेलना चाहते हैं उन्‍हें चिंतित होने की जरुरत नहीं है। यह गिरावट इंट्रा डे कारोबार करने वालों के माथे पर चिंता की लकीर खींचेगी।

कल की तेजी को लेकर निवेश गुरु का मानना है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फैडरल रिजर्व के ब्याज दरों में अपेक्षित चौथाई फीसदी के बजाय आधा प्रतिशत कटौती कर दुनिया भर के शेयर बाजारों को तगड़ी ऊंचाई की ओर बढ़ा दिया है। डॉव जोंस भी वर्ष 2002 के बाद कल पहली बार एक ही दिन में 336 अंक उछला। भारतीय शेयर बाजार बीएसई ने अपनी पिछली ऊंचाई 15869 को पीछे छोड़ते हुए 16 हजार अंक को पार किया।

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