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गणपति बप्पा मोरिया


कुछ दिनों पहले तक पूरा मुम्बई गणपति के रंग में रंगा हुआ था। मौके का फायदा उठाते हूए मैं अपने एक खास मित्र के संग कैमरा का सदुप्रयोग करने निकल पड़ा। पेश में कैमरे की नज़र में गणपति और मुम्बई का ...







ऊपर वाले चित्र में लोग गिरगाँव में

जबकी बगल वाले चित्र मे गणपति के रंग में रंगे लोग



गणपति बप्पा मोरिया











































Comments

sarvesh said…
sach me ashish ji,
ganpati bappa mauriya...!
आशीष भाई आपने गणपति उत्सव के छायाचित्र तो खींचे हैं परंतु न तो उनका कोई एंगल ही है और न ही उनमें उतनी सफाई है जितनी होनी चाहिये।
अउअर हां आपने गणपति उत्सव की तस्वीरें तो खींच लीं परंतु क्या आपने देखा है कि इस उत्सव के ठीक बाद हमारे इन प्रिय गण्पति का क्या हश्र होता है????
यदि देखना चाहें तो एक नज़र मेरे ब्लॉग पर अवश्य डालें.........
http://kabadkhana.blogspot.com/
http://ishamammain.blogspot.com/

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यह तो सब जानते हैं
मैं भी और आप भी
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आपके साथ वो करे
जो दुश्मन भी नहीं करता है
जी हाँ मैं अपने सबसे प्यारे दोस्त की बात कर रहा हूँ
मैंने उसकी दोस्ती को इबारत समझा
और उसने हर मोड़ पर मुझे ठगा
मैं आज भी उसपर विश्वास करना चाहता हूँ
लेकिन करूँ या नहीं करूँ
अजीब सी उलझन है

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लेकिन यह हमारा दोगलापन ही है कि हम घर की छतों और तकियों के नीचे बाबा मस्‍तराम और प्‍ले बाय जैसी किताबें रख सकते हैं लेकिन जब इस पर बात करने की आएगी तो हमारी जुबां बंद हो जाती है। हम दुनियाभर की बात कर सकते हैं, नेट से लेकर दरियागंज तक के फुटपाथ पर वो साहित्‍य तलाश सकते हैं जिसे हमारा सम…

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मंदिर के पुजारी शिवदत्त पांडेया के अनुसार, "काशी खंड में ओंकारेश्वर महादेव का जिक्र है। ये मंदिर करीब पांच हजार साल पुराना है। यहां दर्शन से अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है, तीर्थ माना गया है लेकिन आज कभी कोई भूला-बिसरा यहां दर्शन करने आ जाता है। वरना ये मंदिर हमेशा सुनसान ही रहता है।"

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ग्रंथों के मुताबिक, एक विशेष दिन सभी तीर्थ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन इस मंदिर से जिला प्रशासन और सरकार दोन…