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...लोग कहते हैं कि दूरियों से प्यार बढ़ता है
आखिर ऐसी दूरियां किस काम की
जहां प्यार बढ़ाने के लिए फासलों का सहारा लेना पड़े

सोचा था तुमसे दूर जाऊंगा
तो तुम मेरे और करीब आओगी
मैं दूर जाता रहा, तुम दूर जाती रही

एक दिन प्यार दूरियों में ऐसा बदला
कि मैं चाह कर भी तुम्हें वापस ना पा सके
सोचा था कि मैं तुम्हें मना लूंगा, घर ले आऊंगा
मैं गलत था, तुम जा चुकी थी बहुत दूर

Comments

Sharbani said…
bahut acchi kavita...
Neeloo patni said…
Kitni sach hai yeh Kavita
Mahi S said…
I have bookmarked you to check out new stuff you post. Nice blog...

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#DigitalGyan : Sarahah के बारे में जानिए सबकुछ

'सराहा' दुनियाभर में तहलका मचाने के बाद अब हिंदुस्तान में छा गया है। जिसे देखिए, वो इसका दीवाना बन चुका है। सऊदी अरब में बनाए गए एप सराहा को दुनियाभर में यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं । करीब एक महीने पहले लॉन्च हुए इस एप को 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है। खास बात यह है कि एप बनाने वाली इस स्टार्टअप को सिर्फ तीन लोग चलाते हैं। इनमें 29 साल के जेन अल-अबीदीन तौफीक और उनके दो दोस्त शामिल हैं।  इस एप के जरिये यूजर अपनी प्रोफाइल से जुड़े किसी भी व्यक्ति को मैसेज भेज सकते हैं। लेकिन सबसे मजेदार यह है कि मैसेज पाने वाले को यह पता नहीं चलेगा कि ये मैसेज किसके पास से आया है। जाहिर है, इसका जवाब भी नहीं दिया जा सकता। और यही कारण है कि ये ऐप लोगों के बीच बहुत तेज़ी से लोकप्रिय होता जा रहा है। सराहा एक अरबी शब्द है, जिसका मतलब ‘ईमानदारी’ होता है। तौफिक ने बताया ‘एप बनाने का मकसद यह है कि इसके जरिये कोई कर्मचारी, बॉस या वरिष्ठ को बिना झिझक अपनी राय दे सके। यूजर किसी व्यक्ति से वो सब कह सकें जो उनके सामने आकर नहीं कह सकते। ऐसा हो सकता है कि वे जो कह रहे हैं उसे सुनना उन्हें अच्छा न ल…

दोस्ती और विश्वासघात में अन्तर होता है

दोस्ती और विश्वासघात में अन्तर होता है
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